how to mango tree grown

नमस्कार दोस्तों मे आपका दोस्त दीपक कुमार और आप देख रहे हैं  dnateach


आम (mango)

भारतवासियों का प्रिय फल है और यह भारतवर्ष के लगभग सभी प्रदेशों में उगाया जाता है। उत्तरप्रदेश, बिहार, पशिचम बंगाल, आन्ध्रप्रदेश, मद्रास तथा मैसूर के मुख्य उत्पादक प्रदेश हैं।भारत में यह करीब 4000 वर्षों से उगाया जा रहा है। इसकी लकड़ी पत्ती सभी कामों उपयोग किया जाता हैं।

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Mango
        भूमि (soil)

आम वैसे तो सभी प्रकार के भूमि में उगाया जाता है पर दोमद भूमि (P .H) 5.5 से 7.00  तक, जिसमें जल -- निकास का अच्छा प्रबंध हो, आम के लिए सर्वोत्तम है। दक्षिणी भारत के लाल भूमि जो अधिक गहरी तथा कुछ कँकरीली हो, इसके लिए अधिक उपयुक्त है। परंतु गहराई में कड़ी चट्टान व चूने की पर्त नहीं होना चाहिए क्योंकि यह गहरी जड़ों वाला पौधा है ।

जलवायु (climate) 

आम वैसे तो देश के प्रत्येक भाग में पैदा किया जाता है, परन्तु आम के वृक्ष समुद्र तट से लगभग 1300 मीटर से अधिक उचाई पर नहीं उगाये जा सकते हैं। आम के लिए गर्म तथा नम आदर्श जलवायु हैं, जिसमें अधिक वर्षा व अधिक ताप हो, और समय शुष्क वायुमंडल तथा बादल रहित आसमान हो। फल आने के समय औले तथा तुफान और बहुत कम ताप पाला तथा वातावरण मे अधिक आद्र्रता हानिकारक है । बौर का विकास होते समय शुष्क जलवायु उपयोगी हैं, क्योंकि ऐसी अवस्था मे वनस्पति - वृद्धि रूक जाती हैं और वृक्ष पर फूलों (बौर) की मात्रा में वृद्धि हो जाती हैं। पर बादल और वर्षा बौर को नुकसान पहुचाते हैं । सिचाई कि व्यवस्था होने पर यह गर्म व शुष्क जलवायु में उगाया जा सकता है ।

खाद (manuring) 

पौधा लगाने के एक साल बाद प्रत्येक पौधे के दस किलो गोबर की खाद, पाँच किलो राख ओर 2.5 किलो हड्डी का चूरा देना चाहिए। पूर्ण वृद्धि प्राप्त आम के वृक्षों के प्रति वर्ष 40 किलो गोबर, की खाद 2 किलो अंडी की खली, 5 किलो हड्डी का चूरा और 2 किलो आमोनियम सल्फेट देना चाहिए और अच्छी तरह से मिला देना चाहिए ।

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आम की किस्में ( varieties )  

भारत में आम असंख्य जातियाँ मिलती है, अतः इनका सही वर्गीकरण नहीं हुआ है। एक ही प्रकार के अलग - अलग स्थानो पर अलग - अलग नाम से पुकारते हैं। इनको फलने मे लगे समय के अनुसार निम्न प्रकार विभाजित किया जाता है।


(अ ) जल्द पकने वाली आम - बम्बई पीला , सफेदा , गोपालभोग, स्टोल, जरदालू, गुलाबखास आदि।

(ब ) मध्य में पकने वाली आम - लंगड़ा, दशहरी, सफेदा नं 1, माल्दाह, मलिहाबादी, मलिमका, रामपुर, फजली, जाफरानी, हेम सागर, कृष्ण भोग आदि।

(स ) देर से पकने वाली आम - फजली चौसा, मनपसंद, समरकंद, नीलम, रामकैला, सुकूल आदि।

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